Top Mental stress relief Secrets
शब्द सांचा, पींड काचा। राजगुरु का बचन जुग जुग साचा।
अनुष्ठान के दौरान दिनचर्या नियमित रखें और आलस्य से बचें।
ब्रह्मचर्य व्रत का पूर्ण रूप से पालन करें।
तेल, सुगन्ध, साबुन, पाउडर आदि का उपयोग न करें।
जब ऐसा हो जाता है तो कहते हैं कि मंत्र सिद्ध हो गया। ऐसा मंत्र को लगातार जपते रहने से होता है। यदि आपका ध्यान इधर, उधर भटक रहा है तो फिर मंत्र को सिद्ध होने में भी विलंब होगा। कहते हैं कि 'करत-करत अभ्यास से जडमति होत सुजान। रसरी आवत-जात से सिल पर पड़त निसान॥'
मन्त्र ज्यो शत्रु भयो। डाकिनी वायो, जानु वायो।
गुरु के छत्र-छाया में ही अनुष्ठान करें।
गुरु से शक्ति दीक्षा अवश्य प्राप्त करें
सही स्थान और समय:- मंत्र जाप के लिए एकांत, शांत और पवित्र स्थान का चयन करें। रात्रि के शांत वातावरण more info में या ब्रह्म मुहूर्त में मंत्र जाप करना अधिक प्रभावी होता है।
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नियमित और दृढ़ता:- मंत्र की सिद्धि के लिए नियमित और निरंतर अभ्यास आवश्यक है। प्रत्येक दिन निर्धारित संख्या में मंत्र का जप करें।
साधना काल में धूम्रपान या कोई अन्य नशा आदि न करें।
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साधना के समय एकांत में रहें और अन्य गतिविधियों से बचें।